महिलाओं पर कविताएँ | Famous Poem on Women in Hindi

हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है जिसके लिए आप सबको ‘त्याग की मूरत’ पर कविता (International Women’s Day Poem in Hindi),शक्तिशाली महिला पर कविता ( I am a powerful woman poem),मैं नारी हूँ कविता ( I am woman poem), अपने जीवन की महत्वपूर्ण महिला पर कविता (poem for special women), महिला सशक्तिकरण पर छोटी कवितायेँ ( short poem on women’s empowerment in Hindi),शक्तिशाली महिला पर कविता ( short poems about a strong women),महिला दिवस पर कवितायेँ( poetry on women’s day in Hindi),महान महिला को श्रदांजलि देने हेतु कवितायेँ( tribute to a great women poem),प्रोत्साहित करने वाली महिला दिवस पर कविता ( inspirational poem for womens day), महिला दिवस कोट्स (womens day quotes), महिला दिवस २०२२ (womens day 2022),महिला दिवस कोट्स ( womens day quotes in hindi) इत्यादि के बारें में जानकारी लेना चाहते है तो आप ये पोस्ट पूरी पढ़े.

देश की उन्नति में महिलाओं का भी उतना ही हाथ है जितना पुरुष का है..बल्कि मैं तो कहती हूँ कि ज्यादा ही होता है आज की महिला घर- परिवार के साथ बाहर भी जॉब कर रही है, महिला भी खुद कुछ करने का जज्बा रखती है.अभी 21 वी सदी में महिलाओं के प्रति समाज का दृष्टिकोण भी बदल रहा है और वो इन्ही में अपना अस्तित्व देख रहे है जो वास्तव में कल्याणकारी भी है.

महिला दिवस पर कविता | Short inspirational poems for women’s day

Women’s day speech

महिलाओं के सम्मान में कवितायें

मै अबला नादान नहीं हूँ, दबी हुई पहचान नहीं हूँ।
मै स्वाभिमान से जीती हूँ,
रखती अंदर ख़ुद्दारी हूँ।।

मै आधुनिक नारी हूँ।।

पुरुष प्रधान जगत में मैंने, अपना लोहा मनवाया।
जो काम मर्द करते आये, हर काम वो करके दिखलाया
मै आज स्वर्णिम अतीत सदृश, फिर से पुरुषों पर भारी हूँ
मैं आधुनिक नारी हूँ।।

मैं सीमा से हिमालय तक हूँ, औऱ खेल मैदानों तक हूँ।
मै माता,बहन और पुत्री हूँ, मैं लेखक और कवयित्री हूँ
अपने भुजबल से जीती हूँ, बिजनेस लेडी, व्यापारी हूँ
मैं आधुनिक नारी हूँ।।

जिस युग में दोनो नर-नारी, कदम मिला चलते होंगे
मै उस भविष्य स्वर्णिम युग की, एक आशा की चिंगारी हूँ
मैं आधुनिक नारी हूँ।।

— रणदीप चौधरी


महिला सशक्तिकरण पर कवितायें | Poetry on women’s day in hindi

women’s day quotes in urdu

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2022 – findgyan.com

जितना घिसती हूं , उतना निखरती हूं।
परमेश्वर ने बनाया है मुझको , कुछ अलग ही मिट्टी से।।

जैसा सांचा मिलता है, उसी में ढल जाती हूं।
कभी मोम बनकर, मैं पिघलती हूं।।

तो कभी दिए की जोत, बनकर जलती हूं।
कर देती हूं रोशन ।।

उन राहों को, जो जि‍द में रहती हैं ।
खुद को अंधकार में रखने की।।

पत्थर बन जाती हूं कभी, कि बना दूं पारस ।
मैं किसी अपने को, रहती हूं खुद ठोकरों में पर।।

बना जाती हूं मंदि‍र कभी, सुनसान जंगलों में भी।
हूं मैं एक फूल सी, जिस बिन, ईश्वर की पूजा अधूरी,
हर घर की बगिया अधूरी।।

– Tarasem kaur


महिलाओं पर कविता | Hindi Poem on Women

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर कवितायें

सक्षम है बलधारी है – कविता
सजग, सचेत, सबल, समर्थ, आधुनिक युग की नारी है।
मत मानो अब अबला उसको , सक्षम है बलधारी है।।

बीत गई वो कल की बेला जीती थी वो घुट घुट कर।
कुछ न कहती , सब कुछ सहती पीती आंसू छुप छुप कर।।

आज बनी युग की निर्माता, हर बाधा उस से हारी है।
चारदीवारी का हर बन्धन तोड़ के बाहर आई है।।

घर, समाज और देश में उसने अपनी जगह बनाई है।
ऊंचे ऊंचे पद पर बैठी, सम्मान की वो अधिकारी है।।

मत समझो निर्बल बेबस, लाचार आज की नारी है ।
नर की प्रबल प्रेरणा का आधार आज की नारी है ।।

स्नेह, प्रेम व ममता का भन्डार आज की नारी है ।
हर जंग जीते शान से यह, अभियान अभी भी जारी है।।

– हरीश नारंग

One thought on “महिला दिवस पर कवितायें 2022 | Short Poems on Women’s Day In Hindi | Best Speech”
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