global warming in hindi

Global warming in hindi: ग्लोबल वार्मिंग क्या है ? कारण ? इसके नुकसान और क्या समाधान हो सकते है -सरल हिंदी में समझेंगे.हिंदी में ग्लोबल वार्मिंग पर हिंदी में निबंध 200 शब्दों में.Global Warming Essay in Hindi with meaning . सब ग्लोबल वार्मिंग पर सब जानने के लिए इस पोस्ट को पूरा पढ़े.

ग्लोबल वार्मिंग पर हिंदी में निबंध -Global warming in hindi

Global Warming in Hindi  – भूमंडलीय ऊष्मीकरण या ग्‍लोबल वॉर्मिंग पर निबंध –इस पोस्ट में हम ग्लोबल वार्मिंग से संबधित महत्वपूर्ण जानकारी पढ़ेंगे और बेहद ही सरल भाषा में ग्लोबल वार्मिंग का हिंदी में निबंध को जानेंगे. चलिए शुरू करते है . ग्लोबल वार्मिंग के बारे में , क्या है इसके कारण और फायदा या क्या क्या नुकसान इससे हुआ है और आगे हो सकता है .हम उन्हें कैसे रोक सकते है ? अगर आप student है class 5 या class 8 आपके लिए ये पोस्ट उपयोगी साबित होगी.

ग्लोबल वार्मिंग क्या है ? (Global Warming meaning In hindi)

Table of Contents

जब हमारी पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ता चला जाए उसे ग्लोबल वार्मिंग कहते है . इसे और अछे से समझे तो – जब हमारे आस पास हवा में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढने लगे तो तापमान भी बढने लगता है है इसे ही ग्लोबल वार्मिंग या भूमंडलीय ऊष्मीकरण कहते है .

ग्लोबल वार्मिंग पर हिंदी में निबंध (Essay on global warming in hindi)

प्रस्तावना

आज के दौर में आए दिन मानव कोई न कोई नई तकनीक को खोज रहा है . उपयोग में ले ले रहा है. एक तरफ जहाँ मनुष्य का विकास हो रहा है तकनीक का विकार हो रहा है मनुष्य प्रक्रति के साथ बहुत खिलवाड़ कर रहा है . जंगल साफ़ हो रहे है . वायु प्रदुषण बढ़ रहा है , पानी हमारी नदी – तालाब में सुख रहा है या और भी गन्दा होता चला जा रहा है .

ग्लोबल वार्मिंग से सिर्फ हमारे देश को ही नही, पुरे विश्व को नुकसान है . इससे हमारी पृथ्वी का तापमान बढ़ता चला जा रहा है ., कार्बन डाइऑक्साइड की मात्र वायु में पहले के मुकाबले बढ़ गयी है . इनसे पृथ्वी को बहुत नुकसान हो रहा है . ग्लोबल वार्मिंग एक बहुत ही बड़ा समस्या है जिसपर हम सबको सोचना चाहिए और रोकथाम होते कुछ करना चाहिए .

ग्लोबल वॉर्मिंग या भूमंडलीय ऊष्मीकरण का अर्थ / मतलब

ग्लोबल वार्मिंग का अर्थ जानना चाहते है तो बता देते है कि ग्लोबल का मतलब होता है ‘पृथ्वी’ और वॉर्मिंग का मतलब होता है ‘गर्म’।फिर ग्लोबल वार्मिंग या भूमंडलीय ऊष्मीकरण का मतलब हुआ ‘पृथ्वी का गर्म होना‘सबसे नजदीक की हवा का और महासागर के औसत तापमान में लगातार 20वीं शताब्‍दी से बढ़ता जा रहा तापमान है .

साधारण शब्दों में जाने तो ग्लोबल वार्मिंग का मतलब है तापमान का बढना और उसके कारण हमारे मौसम में बदलाव होना.इसे धरती पर बढ़ रहे तापमान को 100 सालों के औसत तापमान पर 10 फारेनहाईट आँका गया है. ग्लोबल वार्मिंग की वजह से हिमखंड और ग्लेशियर पिघलने लगते है और समुन्द्र का पानी बढ़ जाता है और इससे जानवरों और वनस्पति पर भी दुष्प्रभाव देखने को मिलते है .

ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण हिंदी में (reasons for global warming)

  • ग्रीन हाउस गैस
  • प्रदूषण
  • औद्योगीकरण
  • जनसंख्या वृद्धि
  • ओजोन परत में कमी आना या छेद होना
  • जंगलों की कटाई
  • उर्वरक और कीटनाशक का उपयोग बढना

ग्रीन हाउस गैस

ग्लोबल वार्मिंग होने के प्रमुख कारण होने वाले में सबसे पहले आता है ग्रीन हाउस गैस .क्योंकि यही वह कारण है जो जलवायु परिवर्तन के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार माना जाता है है.ये वो गैसे होती है जो सूरज से आने वाली गर्मी को अपने अंदर इकट्ठा कर लेती है . गैसों में सबसे महत्वपूर्ण है कारों डाइऑक्साइड जिसके बढने से तापमान बढ़ जाता है . यही वह गैस है जो हम मानव सांस लेते है तो बाहर छोड़ते है और ऑक्सीजन को अंदर लेते है . दूसरी प्रमुख गैस है – नाइट्रोजन ऑक्साइड, फिर है CFCs क्लोरिन और फिर इसके बाद ब्रोमाईन कम्पाउंड इत्यादि ।(Global warming in hindi) ये सभी गैस जब एक साथ मिल जाती है तो हमारे वातावर्ण का बैलेंस बिगड़ देती है और तापमान बढने लगता है नुकसान दायक गैसों का बनना शुरू हो जाता है . रेडियोएक्टिव सन्तु;लं बिगड़ने लगता है . इससे हमारी पृथ्वी गर्म हो जाती है . पेड़- पोधो पर नुकसान दायक प्रभाव पड़ता है .

प्रदूषण

हमारे चारो तरफ के वायुमंडल में बढने वाले टेम्परेचर या तापमान के कारण प्रदूषण बढने लगता है चाहे वो वायु में हो , पानी का , भूमि प्रदूषण हो , ध्वनि प्रदूषण हो , मिट्टी प्रदूषण हो, इत्यादि .जब तापमान बढ़ता है तो बहुत नुकसानदायक गैसेस बनने लगती है , कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ जाता है जिससे वायु प्रदूषण बढ़ जाता है . तकनिकी विकास के चलते, मानव के जल को लगातार खराब करने की वजह से जल का प्रदूषण बढ़ जाता है . ऐसे प्रदूषण का लगातार बढना भी ग्लोबल वार्मिंग का एक अहम कारण है .

जनसंख्या वृद्धि

ग्लोबल वार्मिंग के लगातार बढने का कारण हमारी जनसंख्या का लगातार बढना भी है . एक रिपोर्ट के मुताबिक मानव ने ही 90 प्रतिशत कार्बन डाइऑक्साइड को बढ़ाया है जो ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ाने का जिम्मेदार माना जाता है .

Essay on global warming in hindi

औद्योगीकरण

ग्लोबल वार्मिंग होने के कारण में मानव का गाँवों से शहरीकरण होना भी है . जब शहरीकरण बढ़ता है तो जंगल काटे जाते है और फैक्ट्री खुलती है नए घर बनाए जाते है . जिस साधन का ज्यादा उपोयोग में लिया जाता है . जिस वजह से कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ता है और ग्लोबल वार्मिंग या भूमंडलीय ऊष्मीकरण बढ़ता है .

जंगलों की कटाई

मानव ने हमेशा से ही साबित किया है कि वह अपने स्वार्थ के लिए कुछ भी कर सकता है . अपने फायदे के लिए सुविधा के लिए ग्लोबल वार्मिंग को भी बढने का मुख्य कारण बन सकता है . जैसे जैसे शहरीकरण बढ़ रहा है लोग जंगलो को काट रहे है और वहां अपना घर बना रहे है इससे जीव – जन्तुओ का रहने का ठिकाना छीन जाता है . पेड़ – पोधे कम हो जाते है , बारिश कम होने लगती है , हरियाली ख़त्म होती दिखती है और पृथ्वी का तापमान बढ़ता चला जाता है .

ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध

ओजोन परत में छेद होना

ग्लोबल वार्मिंग के बढने में प्रमुख भूमिका ओजोन परता का कम होना भी है .अंर्टाटिका में ओजोन परत में छेद है जो बढ़ता च;ला जा रहा है जिसकी वजह से सूर्य से हानिकारक किरने जो हमारे लिए , जीव – जन्तुओ के लिए नुकसानदायक साबित होता है . . ग्रीन हाउस गैस CFC गैस के बढ़ने से भी ओजोन परत में कमी आ रही है और छेद हो रहा है। ये कारण ग्लोबल वार्मिंग का मानव ने खुद बनाया है . मानव जनित कारण है। CFC गैस का इस्तेमाल मानव ज्यादा करता आ रहा है अभी तो इसका उपयोग और बढ़ गया है फ्रीज़ का उपयोग बढ़ गया है जिससे CFC गैस का उपयोग भी बढ़ रहा है . ये और जगह भी कई तरह के उपयोगो में ली जाती है . जिससे तापमान बढ़ता है .

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उर्वरक और कीटनाशक का उपयोग बढना

Global warming in hindi: आजकल मानव ने खेतो की पैदावार को बढ़ाने के लिए अलग अलग तरह के कीटनाशको का उपयोग करने लगा है जिससे प्रदुषण बढ़ता है चाहे वो वायु का हो या जल का या फिर मिट्टी प्रदुषण हो .इससे ये सब हमारे वातावरण के लिए हानिकारक साबित होते है और कार्बन डाइऑक्साइड के मात्रा को बढ़ाते है . जिससे और गैसे जैसे मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड जैसी अन्य भी वातावरण में फैलती है और तापमान को बढ़ती है . ग्लोबल वार्मिंग का कारण बन जाती है .

ग्लोबल वार्मिंग का क्या असर है | ग्लोबल वार्मिंग से होने वाले नुकसान

ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव

  • मोंटाना ग्लेशियर राष्ट्रीय पार्क में 150 ग्लेशियर का अब 25 रहना
  • प्राक्रतिक तूफ़ान का और अधिक खतरनाक हो जाना
  • तापमान का बढना
  • जलवायु परिवर्तन : गर्मी का गर्म होना , सर्दी का और सर्द होना
  • बिना मौसम के बरसात
  • बर्फ की चोटियों का पिघलना
  • ओजोन परत में छेद का बढना
  • बाढ़ , सुखा आना
  • चक्रवात और तूफ़ान का आना
  • कार्बन डाइऑक्साइड से कैंसर बीमारी होना
  • पशु-पक्षियों की प्रजातियों का विलुप्त होना
  • प्रदुषण बढना
  • साँस संबधित बीमारियों का बढना
  • रेगिस्तानों का बढना
  • पेड़ – पोधो का कम होना
  • ऑक्सीजन का कम होना

ग्लोबल वॉर्मिंग के घातक परिणाम | Global warming effects in hindi

ग्लोबल वार्मिंग के खतरनाक नुकसान ( ग्लोबल वार्मिंग के दुष्प्रभाव )

  • ग्रीन हाउस गैसों के बढने के कारण तापमान का अत्यधिक बढना (3 से 8 डिग्री तक भी सकता है )
  • दुनिया के कई सारे बर्फीले हिस्से गायब हो जायेगे
  • बर्फीले स्थानों वाले जीव-जंतु विलुप्त होने लगेगे
  • समुद्र में जल बढ़ जाएगा – बाढ़ आ जाएगी
  • मानव – जीवन भी खतरे में आ जाएगा .

ग्लोबल वॉर्मिंग के रोकथाम के उपाय | ग्लोबल वार्मिंग का सामाधान

Global warming ko rokne ke liye : सबसे पहले तो जो भी प्रमुख कारक है इसके उनको रोकने का या कम करने की कोशिश करनी चाहिए.

Global warming essay in hindi

How To stop Global Warming (Global Warming ko kaise roke ?)

  1. ग्लोबल वार्मिंग को कम करने हेतु लोगो को जागरूक करना चाहिए.
  2. हम ग्लोबल वार्मिंग को और बढने से रोक सकते है उसे रोकना चाहिए .
  3. साधन जो भी उपयोग में लेते है उनमे हानिकारक गेसों का उपयोग कम होना चाहिए
  4. ओजोन परत के छेद न बढ़े इसके लिए उपाय करना चाहिए
  5. प्रदुषण फैलाते साधनों पर रोक .
  6. एयर कंडिशनर , फ्रीज़ का उपयोग कम हो.
  7. पेड़ों को काटना नहीं चाहिए
  8. और पेड़ – पोधो को उगाना चाहिए
  9. उर्जा की खपत के उपाय अपनाने चाहिए
  10. रीसाइक्लिंग की ओर ध्यान देना चाहिए
  11. गर्म हीटर का उपयोग कम करना चाहिए
  12. पानी का व्यर्थ न बहाए
  13. प्रदुषण को रोके – जल, हवा , मिट्टी , भूमि इत्यादि .
  14. ग्रीन हाउस का उत्सर्जन कम करने का उपाय करना चाहिए .
  15. कोयले को कम जलाना , तेल का कम जलाना चाहिए
  16. जनसंख्या को नियत्रिंत रखना.

उपसंहार

ग्लोबल वार्मिंग मानव के प्रक्रति के साथ खिलवाड़ कि ही वजह से उत्पन्न है .यदि इसे समय रहते नही रोका गया तो पृथ्वी का तापमान बहुत अधिक बढ़ जाएगा और धातक परिणाम देखने को मिलेंगे या शायद हम खुद ही देखने को नही बचेंगे क्योंकि ग्लाबल वार्मिंग से पूरी दुनिया को खतरा है इससे हर प्रजाति चाहे जानवर हो , इंसान हो , या पेड़ – पोधे सब खतरे में आ जाएगे . ग्लोबल वार्मिंग के प्रति हर आदमीं को जागरूक होना चाहिए जो नहीं है है अनपढ़ है उन्हें जागरूक करना चाहिए .ज्यादा से ज्यादा पेड़ – पोधो को लगाना चाहिए .

Global Warming Essay in Hindi with meaning


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